टीईटी अनिवार्यता के विरोध में सांसदों का घेराव करेंगे शिक्षक, अध्यादेश लाने की उठी मांग

लखनऊ। ऑल इंडिया प्राइमरी टीचर्स फेडरेशन (AIPTF) ने टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा) को अनिवार्य बनाए जाने के फैसले के खिलाफ आंदोलन तेज करने का ऐलान किया है। संगठन ने मानसून सत्र के दौरान सांसदों के आवासों का घेराव कर उन्हें ज्ञापन सौंपने की रणनीति बनाई है।


फेडरेशन का कहना है कि वर्ष 2011 से पहले नियुक्त प्राथमिक शिक्षकों पर टीईटी पास करने की अनिवार्यता लागू करना उचित नहीं है। संगठन ने मांग की है कि केंद्र सरकार अध्यादेश लाकर इन शिक्षकों को राहत प्रदान करे और पूर्व में नियुक्त शिक्षकों के लिए टीईटी की अनिवार्यता समाप्त की जाए।


अखिल भारतीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने भी इस मुद्दे को उठाते हुए केंद्र सरकार से शिक्षकों के हित में फैसला लेने की मांग की है। शिक्षक संगठनों का तर्क है कि नियुक्ति के समय जो नियम लागू थे, उन्हीं के आधार पर शिक्षकों की भर्ती हुई थी, इसलिए बाद में लागू किए गए प्रावधानों को पूर्व प्रभाव से लागू करना उचित नहीं है।


हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने सेवा में कार्यरत शिक्षकों के लिए टीईटी अनिवार्यता से संबंधित अपने पूर्व निर्णय की समीक्षा याचिकाओं को खारिज करते हुए समय-सीमा बढ़ाकर अगस्त 2028 तक कर दी है। इसके बाद विभिन्न राज्यों में शिक्षक संगठन विरोध प्रदर्शन और आंदोलन कर रहे हैं।

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