उत्तर प्रदेश के शिक्षामित्रों, अंशकालिक अनुदेशकों और समग्र शिक्षा अभियान से जुड़े अन्य संविदा कर्मचारियों के लिए राहत देने वाली खबर सामने आई है। राज्य स्तर पर लिए गए निर्णय के तहत जून 2026 माह का पूरा मानदेय और वेतन कर्मचारियों को उपलब्ध कराया जाएगा।
जानकारी के अनुसार, समग्र शिक्षा के अंतर्गत संचालित एसएनए (सिंगल नोडल एजेंसी) स्पर्श प्रणाली के संचालन में हो रही देरी को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। नई भुगतान व्यवस्था के कारण कर्मचारियों के मानदेय में किसी प्रकार की बाधा न आए, इसके लिए विशेष व्यवस्था लागू की गई है।
यह आदेश केवल शिक्षामित्रों और अंशकालिक अनुदेशकों तक सीमित नहीं है। इसके दायरे में समग्र शिक्षा से जुड़े संविदा कर्मचारी, सेवा प्रदाता कार्मिक, बीआरसी कर्मी तथा कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (केजीबीवी) में कार्यरत सेवा प्रदाता कर्मचारी भी शामिल हैं।
राज्य परियोजना निदेशक मोनिका रानी ने सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों (बीएसए) को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि जून माह का मानदेय एवं वेतन पूर्ण रूप से भुगतान किया जाए। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि जून में किए गए अतिरिक्त भुगतान का 15 दिनों का समायोजन जुलाई माह के वेतन/मानदेय में किया जाएगा।
विभाग का मानना है कि तकनीकी एवं प्रशासनिक कारणों से भुगतान प्रक्रिया में हुई देरी का असर कर्मचारियों पर नहीं पड़ना चाहिए। इसी उद्देश्य से यह अंतरिम व्यवस्था लागू की गई है।
इस निर्णय से प्रदेश के हजारों शिक्षामित्रों, अंशकालिक अनुदेशकों और समग्र शिक्षा परियोजना के तहत कार्यरत कर्मचारियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है, क्योंकि उन्हें जून माह का पूरा मानदेय समय पर प्राप्त हो सकेगा।




