लखनऊ/प्रयागराज। बेसिक शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन उत्तर प्रदेश ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर बेसिक शिक्षा विभाग में कार्यरत शिक्षकों के अंतर्जनपदीय स्थानांतरण को लेकर महत्वपूर्ण मांग उठाई है। संगठन ने नई प्रस्तावित शिक्षक भर्ती से पहले शिक्षकों के स्थानांतरण कराने की नीति लागू करने का आग्रह किया है।
संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. महेंद्र कुमार यादव द्वारा 12 जून 2026 को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि प्रदेश के विभिन्न आकांक्षी और पिछड़े जनपदों में कार्यरत लगभग 35 हजार शिक्षक वर्षों से अपने गृह जनपद से दूर सेवाएं दे रहे हैं। ऐसे शिक्षकों को लंबे समय से अंतर्जनपदीय स्थानांतरण का इंतजार है।
“पहले स्थानांतरण, फिर नई नियुक्ति” की मांग
ज्ञापन में कहा गया है कि बेसिक शिक्षा विभाग में लगभग 60 हजार नए शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया प्रस्तावित है। ऐसे में यदि नई भर्ती से पहले वर्तमान शिक्षकों को उनके गृह जनपद में स्थानांतरित कर दिया जाए तो वर्षों पुरानी समस्या का समाधान हो सकता है।
संघ का तर्क है कि स्थानांतरण के बाद जिन जिलों में पद रिक्त होंगे, उन्हें नई भर्ती के माध्यम से तुरंत भरा जा सकता है। इससे छात्र-शिक्षक अनुपात (PTR) पर भी कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा और शिक्षकों की कमी भी नहीं होगी।
एक लाख से अधिक परिवारों को मिलेगा लाभ
शिक्षक संगठन का दावा है कि इस निर्णय से लगभग एक लाख से अधिक शिक्षक परिवारों को मानसिक, सामाजिक और आर्थिक राहत मिलेगी। संगठन ने इसे शिक्षकों के हित में एक ऐतिहासिक और न्यायसंगत कदम बताया है।
सरकार से शीघ्र निर्णय की मांग
बेसिक शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया है कि विभागीय अधिकारियों को निर्देशित कर “नई भर्ती से पूर्व अंतर्जनपदीय स्थानांतरण” की नीति लागू कराई जाए, ताकि लंबे समय से प्रतीक्षा कर रहे शिक्षकों को राहत मिल सके।
