उत्तर प्रदेश में ग्रीष्मकालीन अवकाश समाप्त होने के बाद बेसिक शिक्षा परिषद के अधीन संचालित परिषदीय एवं मान्यता प्राप्त विद्यालय मंगलवार, 16 जून 2026 से पुनः खुलने जा रहे हैं। विद्यालयों के सुचारु संचालन को लेकर शिक्षा निदेशक (बेसिक) अनिल भूषण चतुर्वेदी ने प्रदेश के सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
जारी आदेश के अनुसार विद्यालय खुलने से पहले परिसर की संपूर्ण साफ-सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। कक्षाओं, कार्यालयों, फर्नीचर, अलमारियों और अन्य स्थानों की विशेष जांच एवं सफाई कराने पर जोर दिया गया है, ताकि बच्चों को स्वच्छ वातावरण मिल सके।
विद्यालय के पहले दिन विद्यार्थियों का स्वागत उत्साहपूर्ण ढंग से करने के निर्देश भी दिए गए हैं। इसके तहत छात्र-छात्राओं का रोली एवं तिलक लगाकर अभिनंदन किया जाएगा तथा विद्यालय में सकारात्मक और प्रेरणादायक माहौल तैयार किया जाएगा। साथ ही अभिभावकों को विद्यालय खुलने की सूचना देकर बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए प्रेरित करने को कहा गया है।
शिक्षा विभाग ने सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसी भी जर्जर अथवा असुरक्षित भवन में शिक्षण कार्य संचालित न किया जाए। ऐसे भवनों को चिह्नित करते हुए उन पर बड़े अक्षरों में “निष्प्रयोज्य भवन” लिखने के निर्देश दिए गए हैं।
विद्यालयों में शौचालयों की स्वच्छता, शुद्ध पेयजल, विद्युत व्यवस्था तथा मध्याह्न भोजन योजना के सुचारु संचालन के लिए आवश्यक तैयारियां पूरी करने को कहा गया है। रसोईघरों की सफाई सुनिश्चित करते हुए निर्धारित मेन्यू के अनुसार भोजन तैयार कराया जाएगा। इसके अतिरिक्त विद्यालय खुलने के पहले दिन बच्चों को विशेष रूप से पौष्टिक मीठा खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।
आदेश में यह भी कहा गया है कि सभी नामांकित छात्र-छात्राओं को आवश्यक पाठ्यपुस्तकें समय से उपलब्ध कराई जाएं। शिक्षण कार्य पूर्व निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार नियमित रूप से संचालित किया जाए, जिससे नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत व्यवस्थित ढंग से हो सके।
मान्यता प्राप्त विद्यालयों के संबंध में निर्देश दिया गया है कि विद्यालय प्रबंध समितियां आवश्यकतानुसार निर्णय लेने के लिए अधिकृत रहेंगी। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को सभी व्यवस्थाओं की निगरानी करते हुए आदेशों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
विद्यालय खुलने से पूर्व जारी इन निर्देशों का मुख्य उद्देश्य बच्चों को सुरक्षित, स्वच्छ एवं गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना है, ताकि नए शैक्षणिक सत्र का संचालन बिना किसी बाधा के किया जा सके।





