प्रयागराज। प्रदेश के सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षकों और प्रधानाचार्यों के रिक्त पदों का पुनः सत्यापन किए जाने के बाद रिक्तियों की संख्या में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। माध्यमिक शिक्षा विभाग द्वारा पहले उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग को कुल 23,213 रिक्त पदों की जानकारी उपलब्ध कराई गई थी, लेकिन दोबारा किए गए सत्यापन के बाद यह संख्या बढ़कर लगभग 23,800 तक पहुंच गई है।
पहले भेजे गए आंकड़ों में प्रधानाचार्य के 1,502 पद, प्रधानाध्यापक के 1,003 पद, प्रवक्ता के 2,705 पद, सहायक अध्यापक के 16,114 पद तथा संबद्ध प्राथमिक अनुभाग के सहायक अध्यापकों के 1,889 पद शामिल थे। हालांकि कई विद्यालयों के प्रबंधनों द्वारा सभी रिक्तियों की सूचना समय पर नहीं भेजी गई थी, जिसके चलते वास्तविक संख्या सामने नहीं आ सकी थी।
शिक्षा निदेशालय ने जिला विद्यालय निरीक्षकों (डीआईओएस) के माध्यम से दोबारा रिक्त पदों का सत्यापन कराया। इस प्रक्रिया में कई नए रिक्त पदों की जानकारी सामने आई, जिससे कुल संख्या बढ़कर 23,798 हो गई। विभाग अब चयन आयोग के पोर्टल पर अद्यतन आंकड़े अपलोड कर रहा है। अधिकारियों का मानना है कि अंतिम सत्यापन के बाद रिक्तियों की संख्या में और वृद्धि हो सकती है।
अल्पसंख्यक विद्यालयों की रिक्तियां अलग से भेजी जाएंगी
प्रदेश के 319 अशासकीय सहायता प्राप्त अल्पसंख्यक माध्यमिक विद्यालयों में रिक्त पदों का विवरण अलग से चयन आयोग को उपलब्ध कराया जाएगा। पहले इन संस्थानों में नियुक्तियां प्रबंध समितियों के स्तर पर की जाती थीं। वर्ष 2018 में राज्य सरकार ने इन विद्यालयों में सीधी भर्ती पर रोक लगा दी थी, जिसके बाद इस मामले को लेकर न्यायालयों में लंबी कानूनी प्रक्रिया चली।
बाद में सुप्रीम कोर्ट ने अपने निर्णय में स्पष्ट किया कि अल्पसंख्यक संस्थाओं की स्वायत्तता को बनाए रखते हुए योग्य शिक्षकों की भर्ती चयन आयोग के माध्यम से कराई जा सकती है। इसके बाद इन विद्यालयों में भी भर्ती प्रक्रिया को लेकर नई तैयारियां शुरू की गई हैं।
संभावना जताई जा रही है कि सभी विद्यालयों से अंतिम रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में रिक्त पदों की संख्या 24 हजार के आंकड़े को पार कर सकती है।




