प्रयागराज। प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग ने नई व्यवस्था लागू करने की तैयारी शुरू कर दी है। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत अब प्राथमिक विद्यालयों में कम से कम दो शिक्षक तथा उच्च प्राथमिक विद्यालयों में न्यूनतम तीन शिक्षकों की तैनाती सुनिश्चित की जाएगी।
विभागीय सूत्रों के अनुसार जिन विद्यालयों में शिक्षकों की संख्या निर्धारित मानक से कम है, वहां कार्यरत अतिरिक्त शिक्षकों का समायोजन (रिअडजस्टमेंट) किया जाएगा। इसके लिए जिलेवार विद्यालयों और शिक्षकों का डाटा तैयार किया जा रहा है।
हजारों स्कूलों में शिक्षकों की कमी
रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में बड़ी संख्या में ऐसे विद्यालय हैं जहां शिक्षकों की संख्या न्यूनतम मानक से कम है। दूसरी ओर कुछ विद्यालयों में छात्र संख्या के अनुपात में शिक्षक अपेक्षाकृत अधिक हैं। इसी असंतुलन को दूर करने के लिए विभाग समायोजन प्रक्रिया लागू करने जा रहा है।
समायोजन से क्या होगा फायदा?
- प्राथमिक विद्यालयों में कम से कम 2 शिक्षक उपलब्ध होंगे।
- उच्च प्राथमिक विद्यालयों में न्यूनतम 3 शिक्षक तैनात किए जाएंगे।
- शिक्षकों की कमी वाले विद्यालयों में पढ़ाई व्यवस्था मजबूत होगी।
- छात्र-शिक्षक अनुपात बेहतर बनाया जा सकेगा।
- ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यालयों को विशेष लाभ मिलेगा।
जल्द जारी हो सकती है नई गाइडलाइन
बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा समायोजन प्रक्रिया को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए जाने की संभावना है। इसके बाद जिलेवार स्तर पर रिक्त और अतिरिक्त पदों का आकलन कर शिक्षकों के स्थानांतरण एवं समायोजन की कार्रवाई शुरू की जा सकती है।




