लखनऊ। प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए प्रवेश प्रक्रिया को गति देने के उद्देश्य से जुलाई माह में एक बार फिर ‘स्कूल चलो अभियान’ चलाया जाएगा। अभियान का मुख्य उद्देश्य ऐसे बच्चों का नामांकन सुनिश्चित करना है जो अब तक किसी कारणवश विद्यालय से बाहर हैं।
बेसिक शिक्षा विभाग के अनुसार, 25 जून से विद्यालय पुनः खुल चुके हैं और जुलाई में विशेष नामांकन अभियान चलाकर अधिक से अधिक बच्चों को स्कूलों से जोड़ा जाएगा। इसके साथ ही शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम के तहत निजी विद्यालयों में प्रवेश से वंचित बच्चों का दाखिला भी प्राथमिकता के आधार पर कराया जाएगा।
आरटीई के तहत 1.54 लाख से अधिक बच्चों का हुआ प्रवेश
विभागीय आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष आरटीई के तहत निजी विद्यालयों में 1,95,740 बच्चों को सीटें आवंटित की गई थीं। इनमें से अब तक 1,54,321 बच्चों का प्रवेश कराया जा चुका है। हालांकि अभी भी करीब 40 हजार बच्चों का दाखिला शेष है।
इसी को ध्यान में रखते हुए विभाग ने निर्देश दिए हैं कि विद्यालय खुलने के बाद विशेष अभियान चलाकर शत-प्रतिशत प्रवेश सुनिश्चित किया जाए।
इन जिलों का प्रदर्शन बेहतर, कुछ जिलों में प्रवेश की रफ्तार धीमी
विभाग की समीक्षा में श्रावस्ती, अंबेडकरनगर, अमेठी, गोंडा, भदोही, पीलीभीत और ललितपुर जैसे जिलों का प्रदर्शन अपेक्षाकृत बेहतर पाया गया है।
वहीं रायबरेली, अयोध्या, मेरठ, अलीगढ़, कानपुर नगर और गौतमबुद्ध नगर सहित कुछ जिलों में आरटीई के तहत प्रवेश की गति अपेक्षाकृत धीमी रही है। इन जिलों में अधिकारियों को नामांकन प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए गए हैं।
अभियान का उद्देश्य
- स्कूल से बाहर बच्चों का शत-प्रतिशत नामांकन।
- आरटीई के तहत चयनित बच्चों का समय पर प्रवेश।
- प्रत्येक पात्र बच्चे को शिक्षा से जोड़ना।
- नए शैक्षणिक सत्र में नामांकन बढ़ाना।




