लखनऊ। बेसिक शिक्षा विभाग में जल्द बड़े स्तर पर भर्ती प्रक्रिया शुरू होने के संकेत मिले हैं। अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा ने कहा कि नगर क्षेत्र में लगभग 11 हजार शिक्षकों तथा 10 हजार अनुदेशकों की भर्ती की जाएगी। इसके साथ ही नए शैक्षणिक सत्र की तैयारियों और शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने पर विशेष जोर दिया गया है।
विद्यालयों में सभी मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश
अपर मुख्य सचिव ने अधिकारियों और शिक्षकों को निर्देश दिए कि नए सत्र के आरंभ से पहले विद्यालयों में साफ-सफाई, पेयजल, बिजली और शिक्षण सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। ब्लैकबोर्ड, रजिस्टर, पाठ्यपुस्तकें तथा अन्य आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था समय से पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी को देखते हुए बच्चों के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दिया जाए तथा विद्यालयों में पर्याप्त पेयजल की व्यवस्था रखी जाए ताकि छात्र-छात्राएं हाइड्रेटेड रह सकें।
स्कूल चलो अभियान फेज-2 पर रहेगा विशेष फोकस
बैठक में बताया गया कि स्कूल चलो अभियान फेज-2 के तहत स्कूल से बाहर बच्चों को चिन्हित कर उन्हें विद्यालयों से जोड़ा जाएगा। इसके लिए शिक्षकों को आशा बहुओं के रिकॉर्ड का सहयोग लेने के निर्देश दिए गए हैं।
विशेष रूप से 3 वर्ष से अधिक तथा 6 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के ऐसे बच्चों की पहचान की जाएगी जो अभी तक विद्यालय नहीं पहुंच पाए हैं।
बच्चों की नियमित उपस्थिति और भयमुक्त वातावरण पर जोर
अपर मुख्य सचिव ने कहा कि विद्यालयों में बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करना प्राथमिकता होनी चाहिए। कक्षाओं में ऐसा वातावरण बनाया जाए जहां बच्चे बिना किसी डर के सीख सकें।
उन्होंने शिक्षकों से प्रत्येक बच्चे का निरंतर मूल्यांकन करने और उन्हें व्यक्तिगत फीडबैक देने पर भी बल दिया, जिससे सीखने के स्तर में सुधार हो सके।
कक्षा 1 से 5 तक विस्तारित हुआ निपुण भारत मिशन
बैठक में जानकारी दी गई कि निपुण भारत मिशन का विस्तार अब कक्षा 1 से 5 तक कर दिया गया है। इसके तहत गणित, भाषा और अंग्रेजी विषयों के लिए सरल एवं स्पष्ट सीखने के लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं, ताकि विद्यार्थियों की बुनियादी दक्षताओं को मजबूत बनाया जा सके।
बाल वाटिका और समुदाय की भागीदारी पर जोर
अपर मुख्य सचिव ने आंगनबाड़ी केंद्रों और विद्यालयों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया। साथ ही ग्राम पंचायतों और स्थानीय समुदाय की भागीदारी बढ़ाने की आवश्यकता बताई ताकि शिक्षा अभियान को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।
बैठक के अंत में उन्होंने शिक्षकों को प्रेरित करते हुए कहा कि व्यस्त दिनचर्या के बावजूद निरंतर अध्ययन और लेखन की आदत बनाए रखें, क्योंकि एक शिक्षक का निरंतर सीखना ही विद्यार्थियों के बेहतर भविष्य की आधारशिला है।




